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Raag Marwa
इस कार्यक्रम में मारवा ठाट के आश्रय राग को व्याख्यापूर्वक समझाया गया हैं। और इसमें बतया गया है कि इस राग आरोह और अवरोह में छः -छः स्वर प्रयोग होते हैं और इस राग में प का प्रयोग वर्जित हैं।
Raag Todi
इस कार्यक्रम में तोड़ी ठाट के आश्रय राग को व्याख्यापूर्वक समझाया गया हैं।
Raag Yaman
इस कार्यक्रम में कल्याण ठाट के आश्रय को व्याख्यापूर्वक समझाया गया हैं। और इसमें बतया गया है कि इस राग में सात आग प्रयोग किये जाते हैं एवं इस राग की जाति सम्पूर्ण सम्पूर्ण हैं।
Chand upjati
इस कार्यक्रम में उपजाति नामक छंद को व्याख्यापूर्वक समझाया गया हैं।
Chand shalini
इस कार्यक्रम में शालिनी नामक छंद की व्याख्या की गई हैं।
Chand bhujangprayat
इस कार्यक्रम में भुजंग प्रयातम नामक छंद की व्याख्या की गई हैं।
Chand srigvani
इस कार्यक्रम में स्रिग्वानी नामक छंद को व्यख्यापूर्वक समझाया गया हैं।
Chand vanshastha
इस कार्यक्रम में वंशस्थ छंद को व्यख्यापूर्वक समझाया गया हैं।
Chand drutbilambit
इस कार्यक्रम में द्रुत बिलम्बित छंद को व्यख्यापूर्वक समझाया गया हैं।
Chand malini 1
यह कार्यक्रम मालिनी छंद पर आधारित है।
Chand vasanttilka
इस कार्यक्रम में बसत छंद तिलक की व्यख्या की गयी हैं।