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Khilatee Kaliyaan Bhag 01

इस कार्यक्रम के भाग – 1 कार्यक्रम में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है। साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के पाठ एक में सिखाई गई आ की मात्रा का प्रयोग भी समझाया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 02

इस कार्यक्रम के भाग – 2 कार्यक्रम में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है। साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के पाठ-3 में सिखाई गई ई की मात्रा का प्रयोग भी समझाया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 03

इस कार्यक्रम के भाग – 3 कार्यक्रम में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है। साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के पाठ-5 में घर की बड़ी लड़की द्वारा सामना करने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 04

इस कार्यक्रम के भाग – 4 कार्यक्रम में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है। साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के 'कमला पढ़ न सकी' पाठ में मूर्ति नमक लड़की के पढ़ने की जिज्ञासा को दिखाते हुए ' ढ़' अक्षर और छोटी 'इ' की मात्रा के बारे में बताया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 05

इस कार्यक्रम के भाग – 5 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है।साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के ' कम उम्र में शादी' पाठ के माध्यम से बल विवाह प्रथा पर प्रकाश डाला गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 06

इस कार्यक्रम के भाग – 6 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है।साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के 'गाँव की होली' पाठ में साझी संस्कृति को दर्शाया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 07

इस कार्यक्रम के भाग – 7 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है। साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के 'उल्टी और घबराहट' पाठ में गर्भवती महिला की देखरेख के बारे में बताया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 08

इस कार्यक्रम के भाग – 8 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है।साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के 'अस्पताल का फायदा' पाठ में आधे अक्षर का प्रयोग सीखाया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 09

इस कार्यक्रम के भाग – 9 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है।साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के 'अस्पताल से छुट्टी' पाठ में बच्चे की देखभाल के बारे में बताया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 10

इस कार्यक्रम के भाग – 10 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है।साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के 'माँ का दूध और पोषण' पाठ में बच्चे की देखभाल और टीकाकरण के बारे में बताया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 11

इस कार्यक्रम के भाग – 11 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है।साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के ' ऊपरी खुराक देने का ढंग' पाठ में बच्चे की देखभाल और टीकाकरण के बारे में बताया गया है।

Khilatee Kaliyaan Bhag 12

इस कार्यक्रम के भाग – 12 में गांवों में पढ़ना-लिखना सिख रही महिलायों के बारे में दिखाया गया है। पढ़ाई- लिखाई से उनके जीवन और संबंधों में आ रहे बदलावों को भी दिखाया गया है।साथ ही साथ खिलती कलियाँ पाठ्यपुस्तक के ' खिलौने व शिक्षा ' पाठ में बताया गया है कि खेल-खेल में कैसे सीखें।