12-Dec-2017
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हमारे बारे में

भारत सरकार द्वारा 1961 में स्थापित राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधन और प्रशिक्षण परिषद् (एन.सी.ई.आर.टी.) विद्यालयी शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए नीतियों और कार्यक्रमों के विषय में केंद्रीय तथा राज्य सरकारों को सहायता एवं सलाह देती है। एन.सी.ई.आर.टी. और इसकी घटक इकाइयों के प्रमुख उद्देश्य हैं- विद्यालयी शिक्षा से संबंधित विषय क्षेत्रों में स्वयं अनुसंधन करना, अनुसंधन कार्यों के लिए सहायता तथा प्रोत्साहन देना और उनके बीच समन्वय स्थापित करना; आदर्श पाठ्यपुस्तकें, अनुपूरक सामग्री, समाचार-पत्र, पत्रिकाएं एवं अन्य तत्संबंधी साहित्य तैयार और प्रकाशित करना तथा शैक्षिक किट, मल्टीमीडिया डिजिटल सामग्री आदि का विकास करना; अध्यापकों के लिए सेवापूर्व और सेवाकालीन प्रशिक्षण आयोजित करना; नवाचारात्मक शैक्षिक तकनीकें और पद्धतियाँ विकसित और प्रसारित करना; राज्यों के शिक्षा विभागों, विश्वविद्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य शैक्षिक संस्थाओं के साथ सहयोग और संपर्क सूत्र स्थापित करना; विद्यालयी शिक्षा से संबंधित सभी मामलों में विचारों और सूचनाओं के आदान-प्रदान केंद्र के रूप में कार्य करना; और प्राथमिक शिक्षा के सार्वजनीकरण के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक नोडल अभिकरण के रूप में कार्य करना।अनुसंधन, विकास, प्रशिक्षण, विस्तार, प्रकाशन और प्रचार-प्रसार क्रियाकलापों के अलावा एन.सी.ई.आर.टी. विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए कार्यान्वयन अभिकरण है। इसके अलावा एन.सी.ई.आर.टी. अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा आगंतुक विदेशी शिष्टमंडलों के साथ सहयोग और विचारों का आदान-प्रदान करती है और विकासशील देशों से आने वाले शैक्षिक कार्मिकों को विभिन्न प्रकार की प्रशिक्षण सुविधाएँ प्रदान करती है। देश के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में स्थित एन.सी.ई.आर.टी. की प्रमुख संघटक इकाइयां निम्नलिखित हैं –